‘हमें कोयल नहीं बादेड़ चाहिए पंचायत मुख्यालय’ लाडनूं उपखंड कार्यालय के समक्ष लड़ी जा रही है बादेड़ गांव के हक की लड़ाई, धरना, प्रदर्शन जारी, क्रमिक अनशन की तैयारियां

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‘हमें कोयल नहीं बादेड़ चाहिए पंचायत मुख्यालय’

लाडनूं उपखंड कार्यालय के समक्ष लड़ी जा रही है बादेड़ गांव के हक की लड़ाई, धरना, प्रदर्शन जारी, क्रमिक अनशन की तैयारियां

लाडनूं (kalamkala.in)। तहसील के बादेड़ गांव को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर बादेड़ क्षेत्र के ग्रामीणजन का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन यहां उपखंड कार्यालय के सामने लगातार जारी है। यह धरना गत 4 दिसम्बर से शुरू किया गया था। इससे पूर्व ग्रामवासियों ने अपनी मांग को लेकर 24 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर व उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर गुहार लगाई, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकलने पर वे धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर हुए। ग्रामवासी एवं सरपंच प्रतिनिधि बजरंगलाल ठोलिया, एडवोकेट भगवती प्रसाद शर्मा, नाथूराम ठोलिया, रामचन्द्र ठोलिया, दानाराम, प्रभुराम, इन्द्रचन्द स्वामी, सोहनाराम, हनुमानराम, बलदेवाराम मेघवाल, प्रकाश दाधीच, किशनाराम मेघवाल, भागीरथ थोरी, रामनिवास, मुलाराम, सुखाराम ठोलिया, विरेन्द्रसिंह आदि तथा सभी ग्रामीणों ने मिलकर इस हक की लड़ाई के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किया है। इस संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांग को पूरी नही की जाएगी, उनका धरना व प्रदर्शन निरन्तर जारी रहेगा और जरुरत पड़ी को ग्रामीण क्रमिक अनशन के लिए भी तैयार हैं।

रोड कनेक्टिविटी के कारण सबके लिए सुविधाजनक

धरनास्थल पर बैठे बादेड़ ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम बादेड़ को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने की उनकी मांग जायज होने के बाद भी पूरी नहीं की जाने से उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने का निर्णय लिया और वे मांग नहीं माने जाने तक अपना धरना व प्रदर्शन जारी रखेंगे। ग्रामवासियों का कहना है कि जनसंख्या की दृष्टि से ग्राम बादेड़ बड़ा गांव है तथा आबादी घनत्व एवं वोटर लिस्ट के अनुसार भी बादेड़ में मतदाता संख्या ज्यादा है। इसे ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाएं जाने का प्रस्ताव भी जिला कलेक्टर द्वारा सरकार को भेजा गया था। इसके बावजूद उनका पक्ष सुने बिना ही विधिविरुद्ध तरीके से कोयल गांव को मुख्यालय बना दिया गया, जो पूर्णतया गलत है। ग्राम बादेड़ मेगा हाईवे पर स्थित है और आस पास के गावों के लिए बादेड़ सम्पर्क सडकों से भी जुडा हुआ है। किसी के आवागमन में कोई दिक्कत नहीं हो सकती।ग्राम बादेड़ में आने हेतु बाकलिया, बाडेला, गुणपालिया, दताऊ, बल्दू, बेड, खोखरी व बालसमन्द इत्यादि गांवों से सीधी रोड की कनेक्टीविटी है व सड़के बनी हुई हैं।

ग्राम पंचायत मुख्यालय के अनुरूप समस्त सुविधाएं बादेड़ में उपलब्ध

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम बादेड़ में बीच आबादी स्थित नवनिर्मित सामुदायिक भवन है, जिसमें ग्राम पंचायत का मुख्यालय संचालित किया जाने में कोई समस्या नहीं रहेगी। यह भवन करीब 35 लाख रुपयों की लागत से बनाया गया है एवं सभी आधुनिक सुविधाएं यहां उपलब्ध है़। गांव में स्वास्थ्य की दृष्टि देखे तो उपस्वास्थ्य केन्द्र यहां बना हुआ है। बादेड़ गांव में शिक्षा का साधन भी पर्याप्त रुप से उपलब्ध है। गांव में दो आंगनवाड़ी केन्द्र व महिला मण्डल भी बने हुये हैं। गांव में पानी व बिजली की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। ग्राम पंचायत मुख्यालय बादेड को बनाने पर सारी सुविधाए वर्तमान में उपलब्ध हैं।

जमीनी प्रचुरता से भी मुख्यालय सुविधाजनक

ग्रामीणों के अनुसार बादेड़गांव में सरकारी भूमि की उपलब्धता भी पूर्णतया प्राप्त मापदण्ड के मुताबिक है। गांव की आबादी के चिपती ही 9.42 बीघा भूमि उपलब्ध है। ग्राम बादेड़ में रेवेन्यु की भी और अन्य किस्मों की भूमियां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यदि पंचायत मुख्यालय ग्राम बादेड को बनाया जाता है तो सारी सुविधाओं के लिए आवश्यक भूमि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

कोयल गांव मापदंडों पर कहीं खरा नहीं

दूसरीतरफ कोयल गांव बादेड़ से करीब 8 किमी से ज्यादा दूरी पर है, एवं इस गांव के लिए सीधी सड़क से कोई कनेक्टिविटी नहीं है। पंचायत मुख्यालय कोयल को बनाने से आमजन को भारी असुविधा होगी। जो सरकार की मंशा के अनुरुप नही है।

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Author: kalamkala

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