कला-संस्कृति

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नौ करोड़ राजस्थानियों की अस्मिता की प्रतीक राजस्थानी भाषा को अविलंब मिले संवैधानिक मान्यता- राजेश विद्रोही, उर्दू के ख्यातनाम शायर का खुला विद्रोह, अब केवल और केवल लिखेंगे राजस्थानी में, अद्भुत संकल्प-शीघ्र मिले मान्यता

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वैश्विक स्तर की धुनों से सराबोर ‘केशरिया बालम, आओ नहीं पधारो म्हारे देश’ जैसे गीतों की स्वर-लहरियों पर झूम उठे सभी श्रोता, लाडनूं में संगीत के शांति, भक्ति और अध्यात्म के सकारात्मक लहजे ने सबके मन को छुआ, विश्वविख्यात संगीतकार रिकी केज की प्रस्तुतियों ने रचा इतिहास

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लाडनूं में गणगौर की बोलावणी का विशाल मेला 22 मार्च को, राहू कुआं पर होंगे फेरे, शनिवार को तीन स्थानों पर लगेंगे छोटे मेले, ड्रॉन कैमरों से होगी मेले की निगरानी, मेला को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर, राहू कुआं व गौर के चबूतरे का किया गया नवीनीकरण, कार्यकर्ता रहेंगे श्वेत वस्त्रों और साफे में

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राजस्थान दिवस समारोह पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पद्म श्री बेगम बतूल और सवाई भाट की प्रस्तुतियों ने समां बांधा, प्रभारी मंत्री ने किया सम्मानित, लाडनूं के डॉ. वीरेंद्र भाटी की नवीन पुस्तक का किया गया विमोचन

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