अनूठी प्रतिभा की धनी है लाडनूं की आलिया छींपा,
12 वर्षीया आलिया की कलाकृतियों को देख अचम्भा होता है
जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। कहते हैं प्रतिभा जन्मजात होती है, लेकिन उसे निखारने का सम्बल प्रदान करना जरूरी है। प्रतिभा को बचपन से ही उभरने का अवसर दिया जाता है तो उसमें अभूतपूर्व निखार आता है और कुछ नया कर गुजरने की कुव्वत पैदा हो जाती है। ऐसा ही कुछ महसूस होता है लाडनूं के छींपा समाज की सिर्फ आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीया बालिका आलिया की कला को देख कर। आलिया एक अद्भुत कलाकार है, उसकी कलाकृतियों को देख कर सहज ही विश्वास नहीं होता कि ये सब इस छोटी सी बालिका द्वारा किया गया सृजन है। आलिया यहां के स्टेशन रोड पर छींपा-दर्जियों के मौहल्ले में रहने वाले व्यापारी इब्राहिम छींपा की पौत्री और मो. इकबाल छींपा की पुत्री है। आलिया की एक बड़ी बहिन और एक छोटा भाई भी है, लेकिन अपने परिवार में वह कुछ अनूठी ही है। उसकी प्रतिभा की पहचान उसकी कृतियों से सहज ही हो जाती है। परिवार का सम्बल मिलने से यह प्रतिभा फलीभूत हो रही है। इस समाचार के साथ जो वीडियो दिया गया है, उसमें आलिया की कृतियों की झलक आप भी देख सकते हैं।







