लाडनूं में ‘विराट् शक्ति संगम’ कार्यक्रम 28 अगस्त को, संतों के सान्निध्य में होगा आयोजन, स्थापना के 60 साल पूरे होने पर सामाजिक जागृति का रहेगा विशेष कार्यक्रम

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लाडनूं में ‘विराट् शक्ति संगम’ कार्यक्रम 28 अगस्त को, संतों के सान्निध्य में होगा आयोजन,

स्थापना के 60 साल पूरे होने पर सामाजिक जागृति का रहेगा विशेष कार्यक्रम

सुमित्रा आर्य। लाडनूं (kalamkala.in)। विश्व हिन्दू परिषद् के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर लाडनूं में ‘विराट शक्ति संगम’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 28 अगस्त (बुधवार) को शाम 5.30 बजे हाईवे पर भारत पैट्रोल पम्प के सामने स्थित एसके मैरिज गार्डन में आयोजित किया जाएगा। इस विराट् शक्ति संगम कार्यक्रम में प्रणव आश्रम गनेड़ी (सीकर) के संत श्री निवृत्तिनाथ महाराज एवं श्री हनुमत् सिद्धपीठ पाबोलाव धाम के पीठाधीश्वर संत श्री कमलेश्वर भारती महाराज का पावन सान्निध्य व आशीर्वाद रहेगा। मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिन्दू परिषद् के राजस्थान क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजाराम होंगे।

विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना के पूरे हुए 60 साल, चल रही तैयारियां 

लाडनूं में आयोज्य विराट् शक्ति संगम के कार्यक्रम के लिए विश्व हिन्दू परिषद् के प्रखंड अध्यक्ष रायबहादूर ईन्दौरिया, प्रखंड मंत्री प्रकाश सोनी व प्रखंड सहमंत्री मनमोहन व्यास अपनी कार्यकर्ता टीम के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना को 60 साल हो चुके हैं। परिषद् का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, भाषा, मत-संप्रदाय और वर्गभेद को दूर करना, नैतिक और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों की रक्षा और पोषण करना है। विश्व हिन्दू परिषद् हिन्दू समाज में व्याप्त अस्पृश्यता की बुराई को दूर कर, धर्म परिवर्तन कर चुके हिंदुओं को वापस हिंदू धर्म में लाकर तथा विदेशों में रहने वाले हिंदुओं को हिंदू धर्म से जोड़कर विश्व मंच पर एक सशक्त हिंदू समाज बनाने के लिए कृतसंकल्प है। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के दिन, उनके ही नाम पर ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ के पवित्र उद्देश्य के साथ विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी और ‘अक्षय वट वृक्ष’ इसका ज्ञान का प्रतीक बन गया।

प्रहारों के बीच परिषद कर रही पूरे समाज को जोड़ने का काम

उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में हिंदू संस्कृति पर चारों ओर से हो रहे प्रहारों तथा बढ़ती विघटनकारी शक्तियों, अवैध धर्मान्तरण, लव जिहाद आदि विभिन्न षडयंत्रों को रोकने के लिए हिंदू समाज को भेदभाव मुक्त, स्वाभिमान-संपन्न, आक्रामक, जीवन मूल्यों का आग्रही और अजेय हिंदू समाज बनना ही होगा। ऐसे भगीरथ कार्य के लिए विश्व हिंदू परिषद पूरे समाज को जोड़कर कार्य कर रही है।

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Author: kalamkala

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